यहां हुआ एसडीम का विरोध, ग्रामीणों ने बैठकर जताया विरोध यह है पूरा मामला

विकासनगर : नवीन चकराता टाऊनशिप को एमडीडीए के तहत बसाने को लेकर नागथात मे 40 गांव के लोगों ने एक बैठक बुलाई। बैठक मे लोगों ने बडी संख्या में भाग लिया और सभी लोगों ने धामी कैबिनेट से पास टाऊनशिप का तो स्वागत किया मगर टाऊनशिप को बसाने के लिए नोडल एजेंसी एमडीडीए को बनाने को लेकर आपत्ति दर्ज की।

बैठक मे पहुंचे सभी ग्रामीणों का कहना लगभग एक ही था कि अगर नवीन चकराता टाऊनशिप एमडीडीए बसायेगा तो इसमें हमें हमारी जमीन पर जो भी छोटा बडा निर्माण करना है उसके लिए एमडीडीए से नक्शा पास करवाना पडेगा। आखिर हम अपनी जमीन पर कुछ भी निर्माण करने लिए एमडीडीए के अधिकारियों के चक्कर क्यों काटे। चूकिं एमडीडीए इस क्षेत्र में एक बार आ गया तो ग्रामीण क्षेत्र होने के नाते हम एमडीडीए के भारी भरकर टैक्स को नहीं भर सकते।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी ने 6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा। 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

इसलिए सभी ग्रामीणों ने धामी सरकार से नवीन चकराता टाऊनशिप को एमडीडीए से बाहर रखने की अपील की है।दूसरी आशंका ग्रामीणों ने ये जताई है कि चूंकि चकराता क्षेत्र जनजातीय क्षेत्र है ऐसे मे यहां कि जमीन कोई बहारी लोग नहीं ले पाते है जिस कारण आजतक इस क्षेत्र मे बाहरी लोग लोग नहीं बस पाये है और इसी कारण इस क्षेत्र मे आजतक शांति बनी हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी ने 6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा। 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

भविष्य में अगर यहां एमडीडीए आता है और वह इस क्षेत्र की बंजर बड़ी भूमि पर फ्लैट बनाकर बेचता है तो उन फ्लैट को बहारी लोग बड़ी संख्या में खरीदेगे और इस कारण इस क्षेत्र की शांति को संस्कृति दोनों ही खतरे में पड़ने का डर है इसलिए भारत के संविधान ने जनजातियों को जो अधिकार दिये है उसका पालन और ख्याल रखना सरकार का दायित्व है।आपको बता दें कि धामी सरकार की कैबिनेट ने चकराता विधानसभा के 40 गांव के खेडे मंजरों को नवीन चकराता टाऊनशिप मे बसाने का निर्णय लिया है ये गांव मसूरी चकराता हाईवे के दोनों तरफ 2 किलोमीटर दायरे के अन्तर्गत क्षेत्र से लिये जाऐगें।

सम्बंधित खबरें