
रिपोर्ट- सुनील भारती
नैनीताल। बलियानाला क्षेत्र में सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद कृष्णापुर वार्ड के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि धरातल पर सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।क्षेत्रवासी कैलाश रौतेला ने बताया कि उनकी एकमात्र मांग सड़क निर्माण है। प्रशासन की ओर से पूर्व में 15 दिन के भीतर सड़क की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कृष्णापुर शहर का हिस्सा होने के बावजूद यहां के लोगों को सड़क सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।क्षेत्रवासियों के अनुसार, बलियानाला के कारण करीब आठ-नौ वर्ष पूर्व सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से ही क्षेत्र में आवागमन की समस्या बनी हुई है। बलियानाला क्षेत्र में पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सड़क सुविधा भी बहाल होगी, लेकिन परियोजना का काम पूरा होने की स्थिति में पहुंचने के बावजूद कृष्णापुर के लिए सड़क निर्माण नहीं किया गया।क्षेत्रवासी रेखा जोशी ने बताया कि लोगों की आवाजाही के लिए करीब 250 सीढ़ियां बनाई गई हैं, लेकिन खड़ी चढ़ाई के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। पैरों में दर्द से परेशान बुजुर्गों के लिए यह रास्ता और अधिक कठिन हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी प्रतिदिन इसी कठिन रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शवयात्रा तक नीचे के रास्ते से ले जानी पड़ती है, क्योंकि ऊपर तक सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर जल्द सड़क उपलब्ध कराने का भरोसा दे चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले 30 दिन तक धरना जारी रखा जाएगा। इसके बाद भी सड़क निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने की चेतावनी दी गई है।400 करोड़ के काम में सड़क क्यों नहीं?आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि बलियानाला क्षेत्र में करीब 400 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है, लेकिन लगभग तीन हजार की आबादी वाले कृष्णापुर क्षेत्र के लोगों के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में सड़क केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और अन्य स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द सड़क निर्माण कर स्थायी समाधान करना चाहिए।


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