हरेला महोत्सव पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में चलेगा वृहद पौधारोपण अभियान

हल्द्वानी : उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में हरेला महोत्सव के अवसर पर 14 से 18 जुलाई, 2026 तक वृहद पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास, जन-जागरूकता और विश्वविद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना है। हरेला सप्ताह के दौरान परिसर में लगभग 500 पुष्पीय, छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। विश्वविद्यालय इस पर्व को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाने के अवसर के रूप में देखता है।

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उन्होंने कहा कि हरेला सप्ताह के दौरान लगाए जाने वाले पौधे परिसर को हरित एवं सुंदर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. एच.सी. जोशी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया जाएगा। इस दौरान पर्यावरणविद् डॉ. आशुतोष पंत (सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी) निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराकर अभियान में सक्रिय सहयोग देंगे।

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उन्होंने कहा कि यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वच्छ वातावरण तैयार करने का प्रयास है।उन्होंने बताया कि पौधारोपण के लिए परिसर में विभिन्न स्थलों का चयन कर लिया गया है। इनमें विशेष रूप से फल उद्यान तथा मियावाकी पद्धति पर आधारित मिश्रित वन विकसित करने की योजना भी शामिल है।

इस पहल से विश्वविद्यालय परिसर में जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, हरित आवरण में वृद्धि होगी, कार्बन अवशोषण क्षमता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रकृति संरक्षण का एक प्रेरणादायी मॉडल विकसित होगा।हरेला सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कुलपति, विशिष्ट अतिथि, शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं शिक्षार्थी सामूहिक रूप से भाग लेकर अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनके संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने का संकल्प लेंगे।

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