पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने राष्ट्रपति को भेजा प्रार्थना पत्र

हल्द्वानी : उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, छात्र आंदोलनों पर हो रही कार्रवाई तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण को लेकर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को एक प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए पेपर लीक प्रकरणों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में दीपक बल्यूटिया ने कहा कि वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य बार-बार हो रहे पेपर लीक से प्रभावित हो रहा है। इससे न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा है, बल्कि युवाओं और उनके परिवारों का व्यवस्था पर से विश्वास भी लगातार कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र इन अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय कई स्थानों पर उनके साथ बल प्रयोग, हिरासत और दमनात्मक कार्रवाई की घटनाएं सामने आई हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं हैं।प्रार्थना पत्र में संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, गरिमा के साथ जीवन जीने तथा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है।

छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।दीपक बल्यूटिया ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं में बढ़ती निराशा देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप कर पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा छात्रों के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

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