उद्योग–शिक्षा सहयोग से विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर भविष्य: कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी

हल्द्वानी : उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के उद्योग–अकादमिक प्रकोष्ठ की ओर से बुधवार को “उद्योग–शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ बनाने में उद्योगों की भूमिका” विषय पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विश्वविद्यालय के निदेशक (अकादमिक) प्रो. पी.डी. पंत ने कहा कि उद्योगों के साथ सतत संवाद और सहयोग से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने उद्योगों की सक्रिय भागीदारी को विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक दक्षता और नवाचार विकसित करने के लिए आवश्यक बताया।उद्योग–अकादमिक प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. मंजरी अग्रवाल ने प्रकोष्ठ की कार्ययोजना एवं विश्वविद्यालय द्वारा उद्योग–शिक्षा सहयोग को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।मुख्य वक्ता सीए नीरज शारदा ने कहा कि वर्तमान तकनीकी और प्रतिस्पर्धी दौर में विश्वविद्यालयों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे।

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उन्होंने कौशल आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, वित्तीय साक्षरता तथा व्यावहारिक अनुभव को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही उद्योग–अकादमिक सहयोग को रोजगार तक सीमित न रखकर नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्यमिता को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी समय की मांग है।

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इससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी तथा उत्तराखण्ड में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।विचार-विमर्श के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, औद्योगिक भ्रमण, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रम, इंटर्नशिप तथा विभिन्न उद्योगों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।

कार्यक्रम का संचालन सोमेश पाठक ने किया, जबकि डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. अशुतोष भट्ट, डॉ. सुमित प्रसाद, डॉ. कृष्ण कुमार टम्टा, डॉ. प्रिया महाजन, डॉ. ललित पंत, डॉ. कुशा सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं विभिन्न संकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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