नैनीताल में 14 फीट लंबे किंग कोबरा से दहशत… एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू

रिपोर्ट- सुनील भारती

नैनीताल : नैनीताल में किंग कोबरा का दिखना अब असामान्य घटना नहीं रह गया है। वन विभाग की रिपोर्टों के अनुसार, नैनीताल, भवाली, ज्योलीकोट और मुक्तेश्वर समेत आसपास के क्षेत्रों में किंग कोबरा की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और घने जंगलों का वातावरण इन विषैले सांपों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। तल्लीताल क्षेत्र स्थित एस्टोनले कंपाउंड में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक करीब 14 फीट लंबा किंग कोबरा स्थानीय निवासी अनिल गुरुरानी के घर के डिश एंटेना में लिपटा दिखाई दिया। कुछ ही देर बाद सांप घर के भीतर घुस गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सर्प संरक्षण और रेस्क्यू कार्य से जुड़े निमिष दानु को बुलाया। मौके पर पहुंचे निमिष दानु ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले कठिन अभियान के बाद विशालकाय किंग कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान उन्हें पैर की एड़ी में गंभीर चोट भी लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद वन विभाग की टीम की निगरानी में किंग कोबरा को जंगल के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।स्थानीय निवासी प्रदीप अधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र में बड़ा किंग कोबरा निकल चुका है, जिसका रेस्क्यू भी निमिष दानु ने ही किया था। लंबे समय से सांप संरक्षण कार्य में जुटे निमिष दानु अब तक हजारों सांपों का सफल रेस्क्यू कर चुके हैं, जिनमें कई किंग कोबरा भी शामिल हैं।डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) आकाश गंगवार के अनुसार, किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषैला सांप माना जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर इसका जहर बेहद घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।उन्होंने यह भी बताया कि पारंपरिक रूप से वर्षावनों में पाए जाने वाले किंग कोबरा का नैनीताल जैसे ठंडे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों, लगभग 2615 मीटर तक, में दिखाई देना एक महत्वपूर्ण बदलाव है।कुमाऊं विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एच.सी.एस. बिष्ट का मानना है कि बढ़ता तापमान और चीड़-बांज के जंगलों की पत्तियों से बनने वाला अपेक्षाकृत गर्म वातावरण इन सांपों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर रहा है। यही कारण है कि अब आवासीय कॉलोनियों, होटलों और घरों के आसपास भी किंग कोबरा के निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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