बिड़ला स्कूल में नज़र आया पूरब और पश्चिम का संगम।

हल्द्वानी : आर्यमान विक्रम बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग हल्द्वानी की प्रातःकालीन सभा, त्रिआयामी समारोह के कारण अपने आप में अत्यंत विशिष्ट रही। सर्वप्रथम विद्यालय की संस्थापक सभापति सुश्री मंजुश्री खेतान का उनकी जयंती पर प्रधानाचार्य श्री प्रवेश मेहरा, उपप्रधानाचार्य श्री अजय बिहारी सेठ, प्रधानाध्यापिका श्रीमती वंदना टम्टा एवं प्रबंधक इंफ़्रास्ट्रक्चर श्री सुरेश बाजपेयी द्वारा माल्यार्पण किया गया।

सभी शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया और विद्यालय के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को नमन किया।तत्पश्चात् उत्तराखण्ड आन्दोलन के पुरोधा श्री इन्द्रामणि बडोनी जी की जयंती को लोक संस्कृति दिवस के रूप में आयोजित किया गया। तनुजा दरमवाल ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थिओं उनके योगदान से अवगत कराया।

लोक संगीत एवं लोक नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।तत्पश्चात् यीशु मसीह का जन्मदिवस भी मनाया गया।कैरोल( संगीत) और नृत्य में झूमते नन्हे मुन्ने बच्चों ने सभी को प्रेम, मानवता और शांति का संदेश दिया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दी और कहा की यह त्योहार उदारशीलता और दूसरों की ख़ुशियों के लिए जीने का सबक़ सिखाता है।लोक संस्कृति दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति का संवर्धन, पोषण एवं संरक्षण करने के लिए विद्यालय सदैव तत्पर रहता है क्योंकि लोक संस्कृति राष्ट्रीय पहचान और गौरव का विषय होती है।

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