जामुनवाला का एकादशमुखी हनुमान मंदिर: आस्था, तप और चमत्कार का जीवंत केंद्र

रिपोर्ट : हरिशंकर सैनी

देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का जामुनवाला क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना के लिए भी विशेष पहचान रखता है। हरियाली से घिरी शांत पहाड़ियों और हिमालयी वातावरण के बीच स्थित एकादशमुखी हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है। यह मंदिर न केवल धार्मिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि तपस्या, साधना और दिव्य अनुभूतियों का ऐसा स्थल है, जहाँ आकर भक्त आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।इस पावन मंदिर का निर्माण महान तपस्वी, सिद्ध संत एवं हनुमान भक्त बाबा भवानी गिरी जी महाराज द्वारा कराया गया। बताया जाता है कि बाबा भवानी गिरी जी महाराज ने इस स्थान पर वर्षों तक कठोर तप और साधना की। उनकी साधना से सिद्ध हुआ यह क्षेत्र आज आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।

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स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा जी की तपोभूमि होने के कारण यहाँ विशेष आध्यात्मिक प्रभाव स्वतः अनुभव होता है।मंदिर में विराजमान एकादशमुखी हनुमान जी का स्वरूप अत्यंत दुर्लभ और विशेष महत्व रखता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार एकादशमुखी हनुमान स्वरूप में दसों दिशाओं और एक ऊर्ध्व दिशा की रक्षा का भाव निहित है। यह स्वरूप शक्ति, साहस, निर्भयता, बुद्धि, भक्ति और आत्मरक्षा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस स्वरूप के दर्शन मात्र से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्त को मानसिक व शारीरिक बल की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। अनेक भक्तों ने बताया कि लंबे समय से चली आ रही परेशानियाँ, भय, रोग और संकट मंदिर में दर्शन व हनुमान चालीसा पाठ के बाद दूर हुए। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।मंदिर परिसर में गूंजती घंटियों की ध्वनि, हनुमान मंत्रों का जाप और ‘जय बजरंग बली’ के जयकारे वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। प्रातः और संध्या आरती के समय मंदिर का दृश्य अत्यंत दिव्य हो उठता है। प्राकृतिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का यह संगम श्रद्धालुओं को भीतर तक प्रभावित करता है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि संकटमोचन हनुमान जी की कृपा से जीवन को दिशा देने वाला स्थल है। बाबा भवानी गिरी जी महाराज की तपस्या और साधना से सिद्ध यह मंदिर आज भी आस्था, विश्वास और आत्मिक शक्ति का संदेश दे रहा है।

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एकादशमुखी हनुमान मंदिर, जामुनवाला आज देहरादून ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है, जहाँ भक्ति, शक्ति और विश्वास एक साथ अनुभूत होते हैं।

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