नैक NAAC) के नए मैट्रिक्स पर मंथन: सिक़ा ने संकाय सदस्यों के लिए विशेष व्याख्यान किया आयोजित

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन केंद्र सिका (CIQA) द्वारा नैक “NAAC में नए मैट्रिक्स और चुनौतियाँ (New Matrix and Challenges in NAAC)” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय प्रत्यायन प्रक्रिया में प्रस्तावित नवीन परिवर्तनों से अवगत कराना तथा आगामी मूल्यांकन चुनौतियों के लिए समय रहते तैयार करना रहा। कार्यक्रम में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अंकुर सक्सेना ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन की बदलती प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. के. राधाकृष्णन समिति (नवंबर 2023) की सिफारिशों के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन एवं प्रत्यायन की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत अब पारंपरिक ग्रेडिंग के स्थान पर दो-चरणीय मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी—पहले चरण में बाइनरी प्रत्यायन (मान्यता प्राप्त/अप्राप्त) तथा दूसरे चरण में मैच्योरिटी आधारित ग्रेडेड प्रत्यायन, जिसमें संस्थानों को स्तर–1 से स्तर–5 तक रैंकिंग प्रदान की जाएगी।व्याख्यान के दौरान प्रोफेसर सक्सेना ने ‘वन नेशन वन डेटा (ONOD)’ प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद जैसी एजेंसियाँ एक साझा डेटा प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और संस्थानों पर डेटा संकलन का भार कम होगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था में गुणात्मक/वर्णनात्मक मैट्रिक्स को हटाकर भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), स्थिरता एवं हरित पहल (Sustainability), ई-गवर्नेंस, तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को मूल्यांकन में प्रमुखता दी जाएगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद पांडे, निदेशक, CIQA ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. नीरजा सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर गगन सिंह, अतिरिक्त निदेशक, CIQA सहित विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इसे विश्वविद्यालय में गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का प्रथम NAAC मूल्यांकन वर्ष 2022 में संपन्न हुआ था, जिसमें विश्वविद्यालय को ‘बी++’ ग्रेड प्राप्त हुआ। पाँच वर्षों बाद अब 2027 में अगला मूल्यांकन प्रस्तावित है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने अभी से रणनीतिक तैयारी आरंभ कर दी है, जिसके तहत संकाय उन्मुखीकरण, डेटा-सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता संकेतकों पर केंद्रित कार्ययोजना तथा नवाचार-आधारित पहलों को गति दी जा रही है। CIQA द्वारा आयोजित यह विशेष व्याख्यान आगामी NAAC मूल्यांकन की सुदृढ़ तैयारी की दिशा में एक सशक्त और समयोचित पहल के रूप में देखा जा रहा

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