​न्याय की गुहार और सिस्टम पर प्रहार

रिपोर्ट ललित बिष्ट

अल्मोड़ : अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने कंपनी की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।​अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी आज खुद ‘सिस्टम की बीमारी’ से जूझ रहे हैं। अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के पक्षपातपूर्ण रवैये और आउटसोर्स कंपनियों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण के खिलाफ अब कर्मचारियों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।​कल जिला अल्मोड़ा के आउटसोर्स कार्मिक भारी संख्या में श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे। मौका था NHM निदेशक और आउटसोर्स कंपनी बनाम कार्मिकों के बीच चल रहे केस की तीसरी सुनवाई का। लेकिन हद तो तब हो गई जब न तो निदेशक स्तर से कोई प्रतिनिधि आया और न ही कंपनी का कोई प्रबंधक।​

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अधिकारियों की इस बेरुखी ने जलती आग में घी का काम किया, जिसके बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने श्रम कार्यालय परिसर में ही जमकर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम आयुक्त राजेंद्र सिंह बिष्ट ने तत्काल NHM निदेशक रश्मि पंत और कंपनी प्रबंधक से फोन पर बात की और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए 10 मार्च 2025 को होने वाली अंतिम सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

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आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 2 महीनों से वेतन नहीं मिला है। अनुबंध के बाद से ही यह स्थिति बनी हुई है कि 3-4 महीनों तक वेतन लटकाया जाता है।​कंपनी द्वारा कर्मचारियों को मिलने वाले EPF और ESI जैसे बुनियादी लाभों से वंचित रखा जा रहा है और सालाना वेतन वृद्धि न मिलने के कारण कर्मचारी आज के दौर में भी बेहद अल्प वेतन पर काम करने को मजबूर हैं।

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